चुनाव में कोरोना ने छीन लिये बेसिक के 14 शिक्षक
बरेली(आदित्य भारद्वाज)।कोरोना संक्रमण की वजह से बरेली जिले के 14 शिक्षकों ने अपनी जान गवां दी। इसकी वजह से शिक्षा विभाग को बड़ा झटका लगा है। इन सभी शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लगी थी। ड्यूटी के दौरान ही सभी संक्रमित हुए थे। संक्रमित होने के चंद दिनों में उन्होंने दम तोड़ दिया। जिसकी वजह से अन्य शिक्षकों में दुख के साथ काफी रोष व्याप्त है। कुछ शिक्षक संघों ने मृतकों के परिजनों को सरकार से मुआवजा देने तक की अपील की है।
पंचायत चुनाव का पहला चरण बरेली व अन्य जिलों से शुरू हुआ। उस वक्त कोरोना की दूसरी लहर ने रफ्तार पकड़ी थी। इसके बाद भी पंचायत चुनाव कराए गए। इन चुनाव में करीब 70 से 80 फीसदी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। सभी को सैकड़ों की भीड़ में पहले ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद चुनाव कराया गया। इन शिक्षकों को शायद यह नहीं पता था कि यह इनका आखिरी चुनाव है। इसके बाद यह चुनाव तो दूर बच्चों को शिक्षा भी नहीं दे पाएंगे।
चुनाव कराने के बाद जब पोलिंग पार्टियां लौटकर आईं तो इन शिक्षको में से करीब 80 फीसदी शिक्षक बीमार हो गए। जांच कराने पर कई शिक्षकों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। जिसमें से 14 शिक्षकों ने अपनी जान गवां दी है। बताते चलें कि मृतक सभी शिक्षकों की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच ही थी। कुछ ही शिक्षक थे जो 50 साल से ऊपर के थे।
इन शिक्षकों की हुई कोरोना संक्रमण से मौत
कंचन कन्नौजिया, यूपीएस करेली (क्यारा)
अनिल सिंह, शिक्षा मित्र पीएस मंझा (क्यारा)
मीनू कौशल, पीएस सराऊ (आलमपुर जाफराबाद)
नीतू सिंह, पीएस गहार्रा (आलमपुर जाफराबाद)
शिखा श्रीवास्तव, यूपीएस नगला (आलमपुर जाफराबाद)
यामीन राईन, यूपीएस कलारी (बिथरी चैनपुर)
पुष्पा सक्सेना, सिंघाई कायस्थान (बिथरी चैनपुर)
कोमल अरोड़ा, पीएस अब्दुल्लापुर (बिथरी चैनपुर)
फरहा रईस, पीएस डोहरिया (बिथरी चैनपुर)
अनुज कुमार, यूपीएस रोहनिया (बहेड़ी)
सोमपाल गंगवार, यूपीएस कमालपुर (शेरगढ़)
हरिओम सिंह, पीएस कालीबाड़ी (नगर क्षेत्र)
चंद्रपाल गंगवार, पीएस मनकापुर (दमखोदा)
मोहित कुमार, पीएस सितारगंज (फरीदपुर)
जब इन शिक्षकों की मौत की सूचना मिली तो पहले यकीन नहीं हुआ। लगा कि अभी चुनाव में तो सभी मिले ही थे। लेकिन हमें सभी की मौत का बेहद दुख है।– नरेश गंगवार, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
हमारे ब्लॉक में इस तरह से अचानक शिक्षकों की मौतों से झटका लगा है। शायद यह चुनाव नहीं होते तो हम अपने साथियों को नहीं खोते। -सारिका सक्सेना, इंचार्ज प्रधानाध्यापिका यूपीएस पथरा
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