सरकार लम्बित शुल्क क्षतिपूर्ति का भुगतान कर दे तो स्कूल परिवारों को नमक रोटी मिल जाये - जगदीश चन्द्र सक्सेना
आदित्य भारद्वाज
बरेली। ज्ञातव्य हो बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देशित बच्चों का गैर अनुदानित मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा के अधिकार नियम के अन्तर्गत बिना किसी शुल्क के प्रवेश होता है और कक्षा आठ तक उन्हें निशुल्क ही पढ़ाया जाता है। सरकार इन बच्चों के लिये प्रति बच्चा प्रतिमाह अधिकतम रु चार सौ पचास शुल्क क्षतिपूर्ति स्कूल को करती है। बरेली मण्डल के अधिकांश स्कूलों को पिछले पांच वर्षों से सरकार ने शुल्क क्षतिपूर्ति का कोई पैसा नहीं दिया है।
एक एक स्कूल को सरकार को एक लाख से चार लाख रुपये तक का भुगतान करना है। मार्च 20 से स्कूल बन्दी के कारण बच्चों से कोई शुल्क नहीं मिल रहा है जिसकारण स्कूल संचालक, शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारी दाने दाने को मोहताज हैं।
मान्यता प्राप्त स्कूलों के संगठन बेसिक शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश चन्द्र सक्सेना ने मण्डलायुक्त बरेली व सहायक शिक्षा निदेशक ( बेसिक) बरेली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मांग की है। कि बरेली मण्डल के समस्त स्कूलों को उक्त शुल्क क्षतिपूर्ति का भुगतान यथाशीघ्र किया जाये जिससे स्कूल परिवार भी नमक रोटी खा सकें।
सरकार व विभाग पर पूरी सूचना है कि किस स्कूल को कितने रुपये का भुगतान करना है क्योंकि सत्र 20 - 21 में सारी सूचनायें आन लाइन करायी गयी थीं।
जिलाध्यक्ष बरेली बालेदीन पाल ने बताया कि बरेली जिले में 270 स्कूलों को मार्च 20 में अधावधि शुल्क क्षतिपूर्ति का भुगतान कर दिया गया है। शेष स्कूलों को भी भुगतान हो इस हेतु वे महानगर बरेली अध्यक्ष विजय बहादुर सक्सेना के साथ मिलकर वृहद अभियान चलायेंगे।
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