राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के भव्य अधिवेशन का हुआ समापन
बरेली। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का तीन दिवसीय अधिवेशन बेंगलुरु में सम्पन्न हुआ, जिसमें सभी प्रान्तों से पदाधिकारी शामिल हुए। अधिवेशन का शुभारंभ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के द्वारा मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। महासंघ के द्वारा तीन शिक्षकों को शिक्षा भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रोफेसर एम.के.श्रीधरन, प्रोफेसर चांद किरण सलूजा एवं भारती ठाकुर को शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री शिवानंद सिन्दनकेरा द्वारा प्रस्तावित 21 सूत्रीय समस्याओं को अधिवेशन में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों के समक्ष रखा गया और बताया कि इन समस्याओं का यथाशीघ्र निस्तारण कराया जाएगा, जिसमें मुख्यता जनवरी 2004 से पूर्व की भांति पुरानी पेंशन योजना सभी शिक्षकों की बहाल की जाए। प्राथमिक के शिक्षकों को विधानपरिषद में मत देने का अधिकार दिया जाए सम्पूर्ण देश में सभी स्तरों के रिक्त पदों पर स्थाई और नियमित नियुक्ति की जाए एवं तदर्थवाद बंद हो। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को सम्पूर्ण देश में समान रूप से लागू किया जाए तथा इसकी विसंगतियों को दूर किया जाए। सम्पूर्ण देश में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति एक समान 65 वर्ष हो स्कूल एवं उच्च शिक्षा के समस्त शिक्षकों को समुचित चिकित्सा सुविधा के लिए निशुल्क स्वास्थ्य कार्ड जारी कर प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक समान रूप से पूरे देश में लागू हो प्रत्येक विधालय में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हों कक्षावार एवं विषयवार छात्र शिक्षक अनुपात हो उच्च शिक्षा में यूजीसी के मानदंडों को लागू किया जाए। समयबद्ध कैरियर एडवांसमेंट योजना का लाभ दिया जाए सेवारत शिक्षको को पीएचडी कोर्स वर्क से मुक्त मुक्त किया जाए। शिक्षा सम्बन्धी सभी निर्णयों में शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित हो राजनीति एवं प्रशासनिक हस्तक्षेप बन्द हो।
अधिवेशन में प्रतिभाग करने वालों में उत्तर प्रदेश प्रभारी महेंद्र कुमार, प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह, महामंत्री भगवती सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह, जनपद बरेली से प्रतिभाग करने वालों में जिलाध्यक्ष राजेश कुमार मिश्र, महामंत्री सुधीर सक्सेना, कार्यकारी जिलाध्यक्ष एवं जिला संगठन मंत्री सुनील कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष होतेलाल दीक्षित, जिला संयुक्त मंत्री मित्रेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष (महिला) प्रियंका शुक्ला एवं सुरेश कुमार प्रमुख रहे।
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