थाना प्रभारी ने लिया संज्ञान तब जाकर लंपी वायरस से मृत गोवंशीय पशुओं को दफनाया गया
आदित्य भारद्वाज, सूर्य टाइम्स न्यूज़
बरेली। कोरोना रूपी संकट जिस प्रकार से इंसानों के सामने आया था कुछ वैसा ही संकट लंपी वायरस के रूप में गोवंश के सामने आया हुआ है, लंबी वायरस के रूप में इस समय गोवंश पर अब तक का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है और गांव देहात में तो स्थिति यह है कि हर ओर गोवंश इस जानलेवा बीमारी से पीड़ित है।
लंपी वायरस विकासखंड आलमपुर जाफराबाद क्षेत्र में भी तेजी से फैल रहा है और प्रत्येक ग्राम पंचायत में लंपी वायरस की चपेट में आने वाली गायों की मौत हो रही है। पशुओं में होने वाली इस घातक बीमारी का खौफ हर गांव में दिख रहा है।
साथ ही ग्राम पंचायत हर्रामपुर में भी 4 गोवंशीय पशुओं की लंपी वायरस से मृत्यु हो गई और लगभग 36 घंटे तक गायों के शव गांव के आसपास ही पड़े रहे, जिससे अन्य पशुओं के भी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ था। ग्रामीणों ने बुधवार को इसकी सूचना पशु चिकित्साधीक्षक डॉ.गौरव मोहन शर्मा व ग्राम प्रधान रमेश मौर्य सहित संबंधित अधिकारियों को दी। वहीं गुरुवार को गांव वालों ने इस प्रकरण के विषय में भमोरा थाना प्रभारी दानवीर सिंह को सूचित किया। थाना प्रभारी ने तत्काल इसका संज्ञान लेते हुए ग्राम प्रधान के सहयोग से उक्त सभी मृत गोवंशीयों को दफन करवाया।
पशु चिकित्साधीक्षक डॉ.गौरव मोहन शर्मा ने बताया कि यदि किसी भी पशुपालक को अपने पशुओं में लंबी वायरस के लक्षण दिखाई दें तो तत्काल डॉक्टर्स को सूचित करें और पशु चिकित्सालय से लंपी प्रोवैकइंड वैक्सीन अवश्य लगवाएं। इस वायरस से बचाव के लिए जरूरी है कि जिस परिसर में गाय रहती है वहां जैव सुरक्षा उपायों को अपनाएं अपनी गायों में लंपी के लक्षणों की जांच करते रहें। अगर किसी गाय में लंपी वायरस के लक्षण नजर आ रहे हैं तो गाय को चारा, पानी और उपचार के साथ झुंड से अलग रखें और संक्रमित गाय की जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। साथ ही लोगों को इस वायरस के बारे में जागरूक भी करते रहें।
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