संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से कक्षा 6 की छात्रा की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, परिवार में मचा कोहराम

आदित्य भारद्वाज, सूर्य टाइम्स न्यूज
बरेली। जनपद के भमोरा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत के घिलौरा में संदिग्ध परिस्थितियों में छठी कक्षा की एक छात्रा की मंगलवार को अपने घर में उस वक्त गोली लगने से मौत हो गई जब वह घर में अकेली थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घिलौरा गांव के विजय उर्फ छोटू पुत्र श्याम सिंह फौजी की बेटी रिया बरेली के एक कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 6 की छात्रा थी।
मंगलवार को रिया घर में अकेली थी क्योंकि रिया के माता-पिता उसके पांच माह के भाई का इलाज कराने गए हुए थे जोकि आईसीयू में एडमिट है और उसकी दादी खेतों पर गई थीं। रिया की मौत की घटना शाम को लगभग 3 बजे की बताई जा रही है जब रिया की दादी रामसनेही खेतों से घर वापस लौटीं तो उन्होंने रिया को आवाज लगाई परंतु कोई उत्तर ना मिलने के कारण उन्होंने घर के आसपास में तलाश किया और फिर पशुओं के लिए चारा पानी की व्यवस्था में लग गयीं तथा जब वे गाय भैंस की खपरैल में पहुंचीं तो देखा कि रिया वहीं पड़ी खाट पर सो रही है लेकिन कई बार पुकारे जाने के बाद भी जब रिया की ओर से कोई जवाब नहीं आया तो दादी ने पास जाकर देखा और वे स्तब्ध रह गयीं क्योंकि खाट पर तो खून से लथपथ रिया की लाश पड़ी थी।
इसी क्रम में आपको बताते चलें कि गांव का ही एक दूधिया दूध लेने जब उनके घर पहुंचा तो मृतका की दादी ने दूधिया के फोन से ही अपने बेटे छोटू को घटना की जानकारी दें जिससे बेटी की मौत की सूचना मिलते ही दया की मां सुध बुध खो कर बेहोश हो गई और कुछ ही समय में परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों ने भमोरा पुलिस की नाकामी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि 7 माह पूर्व ही किसी कारणवश उनका अपने पड़ोसी राजीव, जुगेंद्र उर्फ गंठा व सुरेश से विवाद हो गया था जिसमें उपरोक्त पड़ोसियों ने रिया के पिता पर जानलेवा हमला कर दिया था और मारपीट के दौरान रिया के पिता विजय उर्फ छोटू का सिर फूट गया तो रिया ने विपक्षी गणों पर चप्पल से हमला कर दिया और चप्पल की बात विपक्षियों को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने तमाम गांव वालों के सामने धमकी दी थी कि वे इस बच्ची को नहीं छोड़ेंगे।
इस मामले में उस समय भमोरा थाने में एनसीआर दर्ज करवाई गई थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की यदि पुलिस तत्काल उपरोक्त विपक्षियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करती तो शायद आज रिया जीवित होती।
घटना की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी दानवीर सिंह मय फोर्स के घटनास्थल पर पहुंचे। साथ ही क्षेत्राधिकारी आंवला डॉक्टर दीपशिखा अहिबरन सिंह सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और मामले की गहनता से छानबीन के निर्देश दिए।
"वहीं थाना प्रभारी दानवीर सिंह ने बताया कि मृतका के परिजनों द्वारा पूर्व के विवाद में शामिल लोगों को नामजद कराया गया है साथ ही मामले में तकनीकी जांच और सीडीआर की भी मदद ली जा रही है और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
साथ ही थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि 7 माह पूर्व के झगड़े में 3 सितंबर को थाने में एनसीआर दर्ज हुई थी और उसी समय तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा आरोपियों के विरुद्ध 107/116 सीआरपीसी में कार्यवाही की गई थी।"

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