दहेज लोभी ससुरालियों ने मासूम बच्चे के साथ विवाहिता को घर से निकाला

आदित्य भारद्वाज, सूर्य टाइम्स न्यूज
बरेली। दहेज प्रथा के खात्मे के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं, लेकिन इसका ज्यादा असर दिख नहीं रहा। आज भी बेटियां दहेज के लिए जला दी जाती हैं, बने-बनाए रिश्ते टूट जाते हैं। सरकार चाहे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ या मिशन शक्ति जैसे अभियानों को चलाकर समाज को कितना ही जागरूक करने का प्रयास कर ले परंतु समाज को कलंकित करने वाले दहेज लोभी कभी नहीं सुधरेंगे। दहेज में चंद पैसों और अन्य शानो शौकत के संसाधनों के लिए आज भी तमाम बेटियों को ससुराल में प्रताड़ित किया जाता है जान से मार दिया जाता है या फिर घर से निकाल दिया जाता है।
ऐसा ही एक मामला भमोरा थाना क्षेत्र से प्रकाश में आया है यहां की ग्राम पंचायत सराथू की निवासी अंशु पुत्री नन्हे ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी शादी 12 मार्च 2019 को रामपुर जनपद के पटवाई थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत रझौड़ा निवासी सौरभ पुत्र नरेश के साथ हिंदू रीति रिवाज से हुई थी जिसमें अंशु के पिता ने अपनी सामर्थ्य अनुसार खूब दान दहेज दिया था परंतु ससुरालीजन इससे नाखुश थे और शादी के बाद से ही लगातार पति सौरभ, सास लक्ष्मी, जेठ गौरव, जेठानी रुचि, देवर धर्मेंद्र, जितेंद्र नंद लता, नंदोई नितिन मिलकर अंशु को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
कुछ दिनों पूर्व भी अंशु के पति सौरभ ने उसके साथ मारपीट की और फिर उसे ससुराल में ही छोड़ कर काम के लिए बाहर चला गया। बुधवार को उक्त ससुराली जनों ने दहेज में एक बाइक व 50 हजार रुपए की मांग करते हुए अंशु को मारपीट कर ढाई वर्षीय बेटे वरुण के साथ घर से निकाल दिया और खाली हाथ वापस लौटने पर जान से मारने की धमकी दी अब पीड़िता ने न्याय की आस में भमोरा पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बिना ऑपरेशन होम्योपैथी चिकित्सा से गुर्दे की पथरी का सफल ईलाज : डॉ.विनायक पाठक

शिक्षिकाओं के सम्मान के साथ लाइंस विद्या मंदिर स्कूल ने मनाया शिक्षक दिवस

दर्दनाक हादसा : तेज रफ्तार बस ने साइकिल सवार को मारी टक्कर, 50 मीटर तक घसीटा