वाटर वूमेन शिप्रा ने लखनऊ में चंद्रिका देवी से इंजीनियरिंग कॉलेज तक की 25 किलोमीटर की पद यात्रा जिसमें आनंद आश्रम छठामील सहित कई जगह हुआ भव्य स्वागत

"इंग्लैंड से आईं साध्वी गबरैल ने किया वाटर वूमेन का स्वागत"
आदित्य भारद्वाज, सूर्य टाइम्स न्यूज
लखनऊ। वाटर वूमेन शिप्रा पाठक की गोमती पद यात्रा जो पीलीभीत के माधोटांडा से प्रारंभ हुई थी और 960 किमी की दूरी तय करके कैथी बनारस तक जानी है शुक्रवार को मां चंद्रिका देवी से लगभग 25 किमी पैदल दूरी तय करके इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर समाप्त हुई। शनिवार को पुनः जनजागरण यात्रा इंजीनियरिंग कॉलेज से चलकर विश्वविद्यालय होते हुए कालिदास मार्ग तक जाएगी।
शुक्रवार को यात्रा के दौरान वाटर वूमेन शिप्रा ने रास्ते में मेडिकल छात्र छात्राओं को जल शपथ दिलाते हुए मां गोमती के जल का लखनऊ निवासियों को महत्त्व बताया। वाटर वूमेन शिप्रा का छठामील स्थित आनंद आश्रम पहुंचने पर गोमती भक्तों ने भव्य स्वागत किया। शिप्रा ने गोमती भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जल हमारा जीवन है और मां गोमती लखनऊ के लिए साक्षात देवी स्वरूप है। गोमती जी की रक्षा करना हम सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा हर काम सरकार का नहीं है हमारा भी काम है जलजागृति करके जलजीवन को बचाना। उन्होंने हर साल हर व्यक्ति एक पौधे का सिद्धांत भी लोगों को समझाते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति अगर अपनी नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रति वर्ष एक पौधे को विधिवत पाले तो हरित क्रांति आने के साथ कोरोना जैसी महामारी भी भारत का कुछ नही बिगाड़ पाएंगी। 
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय महामंडलेश्वर बाबा महादेव ने कहा कि वाटर वूमेन शिप्रा पाठक जिस संकल्प को लेकर चल रही हैं उसमें सनातन संस्कृति का उत्थान दिख रहा है। सनातन धर्म से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को सनातन हेतु शुभ संकल्प लेकर इसी तरह महान कार्य करने चाहिए। इस दौरान स्वामी प्रभुद्ध आनंद, साध्वी अवक्षी भारती, इंग्लैंड से संत गैबरेल, संत बालदेवानंद, बलजिंदर कौर, वैष्णवी ज्वेलर्स के मालिक करुणाशंकर आदि उपस्थित रहे।

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