लखनऊ में हनुमान सेतु पर पहुंची वॉटर वुमेन की माँ गोमती पदयात्रा
आदित्य भारद्वाज, सूर्य टाइम्स न्यूज
लखनऊ। पंचतत्व फाउंडेशन की संस्थापक वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक द्वारा की जा रही माँ गोमती की पदयात्रा शनिवार को राजधानी लखनऊ में हनुमान सेतु तक पहुंच गई। वॉटर वुमेन ने पटरी दुकानदारों के साथ संवाद करते हुये जल बचाने और पौधारोपण करने का आह्वान किया। वॉटर वुमेन ने दुकानदारों से डस्टविन रखने का भी संकल्प लिया।
शनिवार को वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक ने इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे से पदयात्रा शुरू की और शाम को हनुमान सेतु पहुंच कर पदयात्रा का विश्राम हुआ। पीलीभीत जिले में स्थित उद्गम स्थल से शुरू हुई पदयात्रा वाराणसी जिले में स्थित कैथी तक जायेगी, इस दौरान वॉटर वुमेन लगभग 960 किलोमीटर पैदल चलेंगी। वॉटर वुमेन को पदयात्रा में समाज के हर वर्ग का समर्थन मिला रहा है। सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता उनके संकल्प में सहभागी बन रहे हैं और माँ गोमती की दशा सुधारने में हर तरह से सहयोग करने का वचन दे रहे हैं।
शनिवार को वॉटर वुमेन ने रास्ते में पड़ने वाले पटरी दुकानदारों से संवाद किया और जल बचाने के साथ पौधारोपण करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने आस-पास ही छाया देने वाला एक पौधा लगा लें और उसमें ही प्रतिदिन हर बाद हाथ धोयें, इससे जल का सदुपयोग होगा, आप के हाथ भी साफ होंगे और पौधे को जल भी मिल जायेगा, साथ ही डस्टविन अवश्य रखें, जिसे शाम को निश्चित स्थान पर ही खाली करें, इससे माँ गोमती में गंदगी नहीं जायेगी, यह सब करने के लिये न धन खर्च होगा और न ही समय खराब होगा, इतना कार्य प्रत्येक दुकानदार आसानी से कर सकता है। पटरी व्यापारियों ने वॉटर वुमेन को आश्वस्त किया कि वे आज से इस दिशा में कार्य करेंगे।
वॉटर वुमेन की पदयात्रा में सम्मिलित होने के लिये बाराबंकी, बदायूं, सीतापुर और लखनऊ जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों लोग आये और पंचतत्व की रक्षा सुरक्षा करने में अपना योगदान दिया। लखनऊ विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग के प्राचार्य डॉ.स्यामलेष तिवारी, आचार्य शिव पूजन दीक्षित, अनिल कुमार वर्मा, राजेश वर्मा, मनोज मिश्र, विजय पांडेय, पप्पू शर्मा, रजनीकांत मिश्रा और अजय पाठक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि वॉटर वुमेन शिप्रा पाठक ने 28 फरवरी को पीलीभीत जिले में माधोटांडा स्थित उद्गम स्थल पर पूजा अर्चना कर माँ गोमती की पदयात्रा पर जाने का संकल्प लिया था। 1 मार्च को उद्गम स्थल से उन्होंने पदयात्रा का शुभारंभ किया था। वॉटर वुमेन वाराणसी जिले में कैथी स्थित माँ गोमती के विलय स्थल तक 960 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगी। वॉटर वुमेन पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई और सीतापुर जिले की सीमा पार करने के बाद लखनऊ जिले की सीमा में पदयात्रा कर रही हैं, इससे पहले वॉटर वुमेन नर्मदा की परिक्रमा, शिप्रा की पदयात्रा, सरयू की पदयात्रा, मेकल पर्वत की परिक्रमा, कैलाश मानसरोवर की पदयात्रा कर चुकी हैं एवं उन्होंने एक करोड़ पौधे लगवाने का संकल्प लिया है। वॉटर वुमेन ने नर्मदा परिक्रमा पर रेवा एवं शिप्रा की पदयात्रा पर मोक्षदायिनी शिप्रा नाम से पुस्तकें भी लिखी हैं।
"27 मार्च को होगी महारती"
पंचतत्व फाउंडेशन के तत्वाधान में 27 मार्च से माँ गोमती के नये घाट पर महाआरती का शुभारंभ किया जायेगा, साथ ही नये घाट का नामकरण भी किया जायेगा, इस घाट पर पंचतत्व फाउंडेशन के कार्यकर्ता प्रतिदिन आरती किया करेंगे, इससे जन-मानस में माँ गोमती के प्रति आस्था श्रद्धा जागृत होगी, साथ ही आरती में आने वाले श्रद्धालुओं के कारण छोटे व्यापारियों को आर्थिक लाभ होगा।
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